search
Q: .
  • A. कवित्री
  • B. कवियित्री
  • C. कवयित्री
  • D. कवयत्री
Correct Answer: Option C - ‘कवि’ शब्द का स्त्रीलिंग रूप ‘कवयित्री’ है। शेष सभी त्रुटिपूर्ण हैं। कुछ शब्द सदैव पुल्लिंग में प्रयुक्त होते हैं जैसे- घी, मोती, दही, भात, खेत, सूत, दाँत, आँसू, आलू, गेहूँ आदि। इसी तरह कुछ शब्द सदैव स्त्रीलिंग में ही प्रयुक्त होते हैं जैसे- रोटी, टोपी, उदासी, रात, बात, लात, प्यास, मिठास आदि। कुछ पुल्लिंग शब्दों का स्त्रीलिंग रूप इस तरह है- पुल्लिंग स्त्रीलिंग देव - देवी गोप - गोपी बाघ - बाघिन कुँजड़ा - कुँजड़िन साँप - साँपिन मेहतर - मेहतरानी
C. ‘कवि’ शब्द का स्त्रीलिंग रूप ‘कवयित्री’ है। शेष सभी त्रुटिपूर्ण हैं। कुछ शब्द सदैव पुल्लिंग में प्रयुक्त होते हैं जैसे- घी, मोती, दही, भात, खेत, सूत, दाँत, आँसू, आलू, गेहूँ आदि। इसी तरह कुछ शब्द सदैव स्त्रीलिंग में ही प्रयुक्त होते हैं जैसे- रोटी, टोपी, उदासी, रात, बात, लात, प्यास, मिठास आदि। कुछ पुल्लिंग शब्दों का स्त्रीलिंग रूप इस तरह है- पुल्लिंग स्त्रीलिंग देव - देवी गोप - गोपी बाघ - बाघिन कुँजड़ा - कुँजड़िन साँप - साँपिन मेहतर - मेहतरानी

Explanations:

‘कवि’ शब्द का स्त्रीलिंग रूप ‘कवयित्री’ है। शेष सभी त्रुटिपूर्ण हैं। कुछ शब्द सदैव पुल्लिंग में प्रयुक्त होते हैं जैसे- घी, मोती, दही, भात, खेत, सूत, दाँत, आँसू, आलू, गेहूँ आदि। इसी तरह कुछ शब्द सदैव स्त्रीलिंग में ही प्रयुक्त होते हैं जैसे- रोटी, टोपी, उदासी, रात, बात, लात, प्यास, मिठास आदि। कुछ पुल्लिंग शब्दों का स्त्रीलिंग रूप इस तरह है- पुल्लिंग स्त्रीलिंग देव - देवी गोप - गोपी बाघ - बाघिन कुँजड़ा - कुँजड़िन साँप - साँपिन मेहतर - मेहतरानी