Correct Answer:
Option D - • EEPROM (Electrically Erasable Programmable Read Only Memory): विद्युतीय रूप से मिटने–योग्य और प्रोग्राम-योग्य होता है। EEPROM एक प्रकार का नॉन वोलाटाइल मेमोरी है। जिसे विद्युत संकेतो का उपयोग करके मिटाया और पुन: प्रोग्राम किया जा सकता है।
• NVMe (Non-Volatile Memory Express): एक इंटरफेस प्रोटोकॉल है जो PCI Express (PCIe) बस का उपयोग करके SSDs को उच्च गति से सिस्टम से जोड़ता है।
• HDD (Hard Disk Drive): मे मैकेनिकल मूविंग पार्ट्स , मैगनेटिक स्टोरेज से होता है। HDD डेटा स्टोर करने के लिए चुंबकीय डिस्क (प्लॉटर) और रीड/राइट हेड जैसे यांत्रिक गतिमान भागों का उपयोग करता है।
• DRAM: यह Dynamic Random Access Memory होती है। यह एक वोलाटाइल मेमोरी है जिसे लगातार रिफ्रेस करने की आवश्यकता होती है।
D. • EEPROM (Electrically Erasable Programmable Read Only Memory): विद्युतीय रूप से मिटने–योग्य और प्रोग्राम-योग्य होता है। EEPROM एक प्रकार का नॉन वोलाटाइल मेमोरी है। जिसे विद्युत संकेतो का उपयोग करके मिटाया और पुन: प्रोग्राम किया जा सकता है।
• NVMe (Non-Volatile Memory Express): एक इंटरफेस प्रोटोकॉल है जो PCI Express (PCIe) बस का उपयोग करके SSDs को उच्च गति से सिस्टम से जोड़ता है।
• HDD (Hard Disk Drive): मे मैकेनिकल मूविंग पार्ट्स , मैगनेटिक स्टोरेज से होता है। HDD डेटा स्टोर करने के लिए चुंबकीय डिस्क (प्लॉटर) और रीड/राइट हेड जैसे यांत्रिक गतिमान भागों का उपयोग करता है।
• DRAM: यह Dynamic Random Access Memory होती है। यह एक वोलाटाइल मेमोरी है जिसे लगातार रिफ्रेस करने की आवश्यकता होती है।