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Q: .
  • A. अन्वेष + ण
  • B. अन्वे + षण
  • C. अनु + वेषण
  • D. अनु + एषण
Correct Answer: Option D - ‘अन्वेषण’ का सही संधि-विच्छेद ‘अनु+एषण’ है। इसमें यण स्वर संधि है इसके नियमानुसार यदि ‘इ’, ‘ई’, ‘उ’, ‘ऊ’ और ‘ऋ’ के बाद कोई भिन्न स्वर आये तो ‘इ’ और ‘ई’ का ‘य्’ ‘उ’ और ‘ऊ’ का ‘व्’ तथा ‘ऋ’ का ‘र्’ हो जाता है। जैसे- अति + अधिक ⇒ अत्यधिक मधु + आलय ⇒ मध्वालय सखी + ऐश्वर्य ⇒ सख्यैश्वर्य सखी + आगमन ⇒ सख्यागमन पितृ + इच्छा ⇒ पित्रिच्छा, इत्यादि।
D. ‘अन्वेषण’ का सही संधि-विच्छेद ‘अनु+एषण’ है। इसमें यण स्वर संधि है इसके नियमानुसार यदि ‘इ’, ‘ई’, ‘उ’, ‘ऊ’ और ‘ऋ’ के बाद कोई भिन्न स्वर आये तो ‘इ’ और ‘ई’ का ‘य्’ ‘उ’ और ‘ऊ’ का ‘व्’ तथा ‘ऋ’ का ‘र्’ हो जाता है। जैसे- अति + अधिक ⇒ अत्यधिक मधु + आलय ⇒ मध्वालय सखी + ऐश्वर्य ⇒ सख्यैश्वर्य सखी + आगमन ⇒ सख्यागमन पितृ + इच्छा ⇒ पित्रिच्छा, इत्यादि।

Explanations:

‘अन्वेषण’ का सही संधि-विच्छेद ‘अनु+एषण’ है। इसमें यण स्वर संधि है इसके नियमानुसार यदि ‘इ’, ‘ई’, ‘उ’, ‘ऊ’ और ‘ऋ’ के बाद कोई भिन्न स्वर आये तो ‘इ’ और ‘ई’ का ‘य्’ ‘उ’ और ‘ऊ’ का ‘व्’ तथा ‘ऋ’ का ‘र्’ हो जाता है। जैसे- अति + अधिक ⇒ अत्यधिक मधु + आलय ⇒ मध्वालय सखी + ऐश्वर्य ⇒ सख्यैश्वर्य सखी + आगमन ⇒ सख्यागमन पितृ + इच्छा ⇒ पित्रिच्छा, इत्यादि।