Correct Answer:
Option C - योजक चिह्न (–) इस चिह्न का प्रयोग निम्नलिखित परिस्थितियों में किया जाता है–
(a) दो समानार्थी शब्दों की पुनरूक्ति या एक अर्थ वाले सहचर शब्दों के बीच किया जाता है। जैसे– कपड़ा-लत्ता, धन-दौलत, मान-मर्यादा आदि।
(b) सामासिक पदों या पुनरूक्त और युग्म शब्दों के मध्य किया जाता है। जैसे– जय-पराजय, लाभ–हानि, दो-दो, राष्ट्र-भक्ति।
c) तुलनावाचक ‘सा’, ‘सी’, ‘से’ के पहले जैसे– चाँद-सा चेहरा, फूल-सी मुस्कान।
(d) सार्थक-निरर्थक शब्द-युग्मों के बीच, जैसे– अनाप-शनाप, उल्टा-पुल्टा, काम-वाम।
C. योजक चिह्न (–) इस चिह्न का प्रयोग निम्नलिखित परिस्थितियों में किया जाता है–
(a) दो समानार्थी शब्दों की पुनरूक्ति या एक अर्थ वाले सहचर शब्दों के बीच किया जाता है। जैसे– कपड़ा-लत्ता, धन-दौलत, मान-मर्यादा आदि।
(b) सामासिक पदों या पुनरूक्त और युग्म शब्दों के मध्य किया जाता है। जैसे– जय-पराजय, लाभ–हानि, दो-दो, राष्ट्र-भक्ति।
c) तुलनावाचक ‘सा’, ‘सी’, ‘से’ के पहले जैसे– चाँद-सा चेहरा, फूल-सी मुस्कान।
(d) सार्थक-निरर्थक शब्द-युग्मों के बीच, जैसे– अनाप-शनाप, उल्टा-पुल्टा, काम-वाम।