Correct Answer:
Option C - भारत के संविधान के अनुच्छेद- 161 के अनुसार विभिन्न राज्यों के राज्यपाल को उस विषय संबंधी, जिस विषय पर उस राज्य की कार्यपालिका शक्ति का विस्तार है, किसी भी सजा को माफ करने, प्रविलम्बन करने, विराम या परिहार करने अथवा दण्डादेश के निलंबन या लघुकरण करने की शक्ति प्राप्त है। लेकिन राज्यपाल मृत्युदण्ड की सजा को माफ नहीं कर सकता है। यह कार्य केवल राष्ट्रपति ही कर सकता है। राज्यपाल कोर्टमार्शल (सैन्य अदालत) के तहत सजा प्राप्त व्यक्ति की सजा माफ नहीं कर सकता है।
C. भारत के संविधान के अनुच्छेद- 161 के अनुसार विभिन्न राज्यों के राज्यपाल को उस विषय संबंधी, जिस विषय पर उस राज्य की कार्यपालिका शक्ति का विस्तार है, किसी भी सजा को माफ करने, प्रविलम्बन करने, विराम या परिहार करने अथवा दण्डादेश के निलंबन या लघुकरण करने की शक्ति प्राप्त है। लेकिन राज्यपाल मृत्युदण्ड की सजा को माफ नहीं कर सकता है। यह कार्य केवल राष्ट्रपति ही कर सकता है। राज्यपाल कोर्टमार्शल (सैन्य अदालत) के तहत सजा प्राप्त व्यक्ति की सजा माफ नहीं कर सकता है।