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Q: .
  • A. गैर हिंसक अर्थव्यवस्था
  • B. विकेंद्रीकरण, कुटीर उद्योग
  • C. मशीनरी और नवीनतम तकनीक का अधिकतम उपयोग
  • D. गाँवों या गाँव सर्वोदय का पुनर्जन्म
Correct Answer: Option C - गाँधी जी बड़े पैमाने पर औद्योगीकरण के कट्टर विरोधी थे। उनका विश्वास था कि बड़े पैमाने के उत्पादन से ही विभिन्न सामाजिक और आर्थिक दोष उत्पन्न हुए हैं। मशीनों का प्रयोग मनुष्य को आलसी बना देता है। महात्मा गाँधी गैर हिंसक अर्थव्यवस्था, विकेंद्रीकरण, कुटीर उद्योग और गाँवों के सर्वोदय के समर्थक थे।
C. गाँधी जी बड़े पैमाने पर औद्योगीकरण के कट्टर विरोधी थे। उनका विश्वास था कि बड़े पैमाने के उत्पादन से ही विभिन्न सामाजिक और आर्थिक दोष उत्पन्न हुए हैं। मशीनों का प्रयोग मनुष्य को आलसी बना देता है। महात्मा गाँधी गैर हिंसक अर्थव्यवस्था, विकेंद्रीकरण, कुटीर उद्योग और गाँवों के सर्वोदय के समर्थक थे।

Explanations:

गाँधी जी बड़े पैमाने पर औद्योगीकरण के कट्टर विरोधी थे। उनका विश्वास था कि बड़े पैमाने के उत्पादन से ही विभिन्न सामाजिक और आर्थिक दोष उत्पन्न हुए हैं। मशीनों का प्रयोग मनुष्य को आलसी बना देता है। महात्मा गाँधी गैर हिंसक अर्थव्यवस्था, विकेंद्रीकरण, कुटीर उद्योग और गाँवों के सर्वोदय के समर्थक थे।