Correct Answer:
Option B - जीका बुखार मुख्यत: एडीज मच्छरों द्वारा प्रसारित वायरस के कारण होता है। जीका वायरस एक मच्छर जनित फ्लेविवायरस है जिसे पहली बार वर्ष 1947 में युगांडा में बंदरों में पहचाना गया था इसे बाद में वर्ष 1952 में युगांडा तथा संयुक्त गणराज्य तजांनिया में मनुष्यों में पहचाना गया। एडीज मच्छरों के कारण ही डेंगू, चिकनगुनिया और पीतज्वर होता है। जीका से ग्रसित व्यक्ति को बुखार, शरीर पर दाने, कंजक्टिवाइटिस मासपेशियों एवं जोड़ों में दर्द तथा सिरदर्द रहता है। जीका के लिए कोई टीका या दवा उपलब्ध नहीं है। मलेरिया प्लाज्मोडियम नामक परजीवी प्रोटोजोआ द्वारा, तुलारेमिया फ्रांसिसिला तुलारोन्सीस जीवाणु द्वारा तथा मिनीमाता पारा की विषाक्तता के कारण होने वाला रोग है।
B. जीका बुखार मुख्यत: एडीज मच्छरों द्वारा प्रसारित वायरस के कारण होता है। जीका वायरस एक मच्छर जनित फ्लेविवायरस है जिसे पहली बार वर्ष 1947 में युगांडा में बंदरों में पहचाना गया था इसे बाद में वर्ष 1952 में युगांडा तथा संयुक्त गणराज्य तजांनिया में मनुष्यों में पहचाना गया। एडीज मच्छरों के कारण ही डेंगू, चिकनगुनिया और पीतज्वर होता है। जीका से ग्रसित व्यक्ति को बुखार, शरीर पर दाने, कंजक्टिवाइटिस मासपेशियों एवं जोड़ों में दर्द तथा सिरदर्द रहता है। जीका के लिए कोई टीका या दवा उपलब्ध नहीं है। मलेरिया प्लाज्मोडियम नामक परजीवी प्रोटोजोआ द्वारा, तुलारेमिया फ्रांसिसिला तुलारोन्सीस जीवाणु द्वारा तथा मिनीमाता पारा की विषाक्तता के कारण होने वाला रोग है।