.
इनडायरेक्ट अन्त: क्षेपण की तुलना में डायरेक्ट अन्त:क्षेपण में ईंधन की खपत ......... होती है–
During which stage of piaget is cognitive development does the child acquire symbolic reasoning such as propositional combinations of implication (if then), dissociation (either one or both) ? पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के किस चरण के दौरान बच्चे द्वारा प्रतीकात्मक तर्क जैसे अभिप्रेतार्थ (यदि तब), वियोजन (दोनों में से एक या दोनों) के प्रस्तावात्मक संयोजन प्राप्त किए जाते हैं?
Kumudini Lakhia is the exponent of ____ classical dance style?
बिहार पर बख्तियार खिलजी के हमले का पहला विवरण प्राप्त हुआ–
All the four quantum numbers of last electron of sodium atom are सोडियम परमाणु के अन्तिम इलेक्ट्रान की चारों क्वान्टम संख्याओं के मान है
Which of the following combination objective type question and related questions is not correct? वस्तुनिष्ठ प्रकार के प्रश्नों और उससे संबंधित प्रश्नों का निम्नलिखित में से कौन सा संयोजन सही नहीं है ? I. Questions to remember ___ polythene is biodegrable (true / false) I. स्मरण करने वाले प्रश्न - पॉलीथिन बायोडिग्रेडेबल है (सत्य/गलत) II. Recognition questions __ what is the percentage of nitrogen in the air? II. मान्यता करने वाले प्रश्न - हवा में नाइट्रोजन का कितना प्रतिशत है ?
प्रदत्तप्रश्नानां (प्रश्न संख्या(233-242) विकल्पोत्तरेषु समुचितम् उत्तरं चित्वा लिखत। अस्ति वाराणस्यां कर्पूरपटको नाम रजक:। स च एकदा अभिनववयस्कया वध्वा सह चिरं केलिं कृत्वा निर्भरमालिङ्ग्य प्रसुप्त:। तदनन्तरं तद्गृहद्रव्याणि हर्तुं चोर: प्रविष्ट:। तस्य प्राङ्गणे गर्दभो बद्धस्तिष्ठति कुक्कुरश्च उपविष्ट: अस्ति। अथ गर्दभ: श्वानमाह- सखे, भवतस्तावदयं व्यापार:। तत् किमिति। त्वम् उच्चै: शब्दं कृत्वा स्वामिनं न जागरयसि? कुक्कुरो ब्रूते-भद्र मम नियोगस्य चर्चा त्वया न कर्तव्या। त्वमेव किम् न जानासि यथा तस्य अहर्निशं गृहरक्षां करोमि। यतोऽयं चिरान्निवृत्तो ममोपयोगं न जानाति। तेनाधुनापि मम आहारदाने मन्दादर:। यतो विना विधुरदर्शनं स्वामिन उपजीविषु मन्दादरा भवन्ति। गर्दभो ब्रूते शृणु रे बर्बर। याचते कार्यकाले य: स किम् भृत्य: स किम् सुह्रत्? कुक्कुरो ब्रूते – शृणु तावत्। भृत्यान्संभाषयेद्यस्तु कार्यकाले स किम् प्रभु: यत:- आश्रितानां भृतौ स्वामिसेवायां धर्मसेवने। पुत्रस्योत्पादने चैव न सन्ति प्रतिहस्तका:।। ततो गर्दभ: सकोपमाह – अरे दुष्टमते! पापीयांस्त्वं यद्विपत्तौ स्वामिकार्योपेक्षां करोषि। भवतु तावत्। यथा स्वामी जागरिष्यति तन्मया कर्तव्यम्। यत: पृष्ठत: सेवयेदर्कम् जठरेण हुताशनम्। स्वामिनं सर्वभावेन परलोकममायया।। इत्युक्त्वा उच्चै: चीत्कारशब्दं कृतवान्। तत: रजक: तेन चीत्कारेण प्रबुद्धो निद्राभङ्गकोपात् उत्थाय गर्दभं लगुडेन ताडयामास। अतोऽहं ब्रवीमि- पराधिकारचर्चां य: कुर्यात् स्वामिहितेच्छया। स विषीदति चीत्कारात् गर्दभ: ताडितो यथा।। रजक: कस्मात् प्रबुद्ध:?
The three-tier system of Panchayat Raj was recommended by पंचायत राज की त्रिस्तरीय प्रणाली की सिफारिश किसने की थी?
निम्नलिखित में से किसे भारतीय लोक और जनजातीय नृत्य से संयुक्त भारतीय शास्त्रीय नृत्य के लिए यूरोपीय नाट्य तकनीकों को अपनाने के द्वारा संलयन कला बनाने के लिए जाना जाता था?
Explanations:
Download our app to know more Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipisicing elit. Excepturi, esse.
Unlocking possibilities: Login required for a world of personalized experiences.