Correct Answer:
Option A - व्याख्या– दक्षिण बिहार में प्रचलित परम्परागत जल संरक्षण सिंचाई पद्धति को आहर-पाइन कहते हैं। यह पद्धति मौर्य काल से चली आ रही है। कौटिल्य के अर्थशस्त्र में इसे ‘‘आहारोदक’’ सेतु बन्ध के नाम से जाना जाता है।
A. व्याख्या– दक्षिण बिहार में प्रचलित परम्परागत जल संरक्षण सिंचाई पद्धति को आहर-पाइन कहते हैं। यह पद्धति मौर्य काल से चली आ रही है। कौटिल्य के अर्थशस्त्र में इसे ‘‘आहारोदक’’ सेतु बन्ध के नाम से जाना जाता है।