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Q: .
  • A. लोकसभा में
  • B. राज्य विधान सभाओं में
  • C. पंचायती राज निकायों में
  • D. उपर्युक्त सभी स्थानों पर
Correct Answer: Option C - संविधान के 73वें पंचायतों को शक्ति प्रदान की है कि उनके नियमित चुनाव होंगे तथा सभी स्तरों पर महिलाओं के लिए कम से कम एक तिहाई स्थान आरक्षित होंगे। हालॉकि वर्तमान में 28 राज्यों में से 7 को छोड़कर (उत्तर प्रदेश सहित) 21 राज्यों ने पंचायतीराज संस्थाओं में महिलाओं के लिए 50% आरक्षण की व्यवस्था की है। उनकी वित्तीय स्थिति सुदृढ़ करने के लिए राज्य वित्त आयोग के गठन का प्रावधान किया गया है। यह राज्यपाल द्वारा गठित किया जाता है। पंचायतों को ग्यारहवीं अनुसूची में दिये गये विषयों पर कार्य की पूर्ण शक्ति होगी। ग्यारहवीं में 29 विषय हैं। लोकसभा व राज्यसभा तथा विधान सभा में महिलाओं के आरक्षण की व्यवस्था नहीं है।
C. संविधान के 73वें पंचायतों को शक्ति प्रदान की है कि उनके नियमित चुनाव होंगे तथा सभी स्तरों पर महिलाओं के लिए कम से कम एक तिहाई स्थान आरक्षित होंगे। हालॉकि वर्तमान में 28 राज्यों में से 7 को छोड़कर (उत्तर प्रदेश सहित) 21 राज्यों ने पंचायतीराज संस्थाओं में महिलाओं के लिए 50% आरक्षण की व्यवस्था की है। उनकी वित्तीय स्थिति सुदृढ़ करने के लिए राज्य वित्त आयोग के गठन का प्रावधान किया गया है। यह राज्यपाल द्वारा गठित किया जाता है। पंचायतों को ग्यारहवीं अनुसूची में दिये गये विषयों पर कार्य की पूर्ण शक्ति होगी। ग्यारहवीं में 29 विषय हैं। लोकसभा व राज्यसभा तथा विधान सभा में महिलाओं के आरक्षण की व्यवस्था नहीं है।

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संविधान के 73वें पंचायतों को शक्ति प्रदान की है कि उनके नियमित चुनाव होंगे तथा सभी स्तरों पर महिलाओं के लिए कम से कम एक तिहाई स्थान आरक्षित होंगे। हालॉकि वर्तमान में 28 राज्यों में से 7 को छोड़कर (उत्तर प्रदेश सहित) 21 राज्यों ने पंचायतीराज संस्थाओं में महिलाओं के लिए 50% आरक्षण की व्यवस्था की है। उनकी वित्तीय स्थिति सुदृढ़ करने के लिए राज्य वित्त आयोग के गठन का प्रावधान किया गया है। यह राज्यपाल द्वारा गठित किया जाता है। पंचायतों को ग्यारहवीं अनुसूची में दिये गये विषयों पर कार्य की पूर्ण शक्ति होगी। ग्यारहवीं में 29 विषय हैं। लोकसभा व राज्यसभा तथा विधान सभा में महिलाओं के आरक्षण की व्यवस्था नहीं है।