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Q: .
  • A. 1988
  • B. 1990
  • C. 1991
  • D. 1985
Correct Answer: Option A - भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) की स्थापना 12 अप्रैल, 1988 ई. को आर्थिक उदारीकरण की नीति के अन्तर्गत पूँजी बाजार में निवेशकों की रुचि बढ़ाने तथा उनके हितों की रक्षा के उद्देश्य से की गयी थी। 30 जनवरी, 1992 को एक अध्यादेश के द्वारा इसे वैधानिक दर्जा भी प्रदान कर दिया गया है। सेबी अधिनियम को संशोधित कर 30 जनवरी, 1992 सेबी को म्यूचुअल फण्डों एवं स्टॉक मार्केट के नियंत्रण के अधिकार दिए गए। इसका मुख्यालय मुम्बई में बनाया गया है जबकि क्षेत्रीय कार्यालय कोलकाता, दिल्ली तथा चेन्नई में भी स्थापित किए गए हैं। सेबी भारत में शेयर बाजार को नियंत्रित करती है। भारतीय पूँजी बाजार को विनियमित करने की वैधानिक शक्तियाँ अब सेबी के पास है। अब किसी भी शेयर बाजार को मान्यता प्रदान करने का अधिकार भी सेबी को हस्तांतरित कर दिया गया है।
A. भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) की स्थापना 12 अप्रैल, 1988 ई. को आर्थिक उदारीकरण की नीति के अन्तर्गत पूँजी बाजार में निवेशकों की रुचि बढ़ाने तथा उनके हितों की रक्षा के उद्देश्य से की गयी थी। 30 जनवरी, 1992 को एक अध्यादेश के द्वारा इसे वैधानिक दर्जा भी प्रदान कर दिया गया है। सेबी अधिनियम को संशोधित कर 30 जनवरी, 1992 सेबी को म्यूचुअल फण्डों एवं स्टॉक मार्केट के नियंत्रण के अधिकार दिए गए। इसका मुख्यालय मुम्बई में बनाया गया है जबकि क्षेत्रीय कार्यालय कोलकाता, दिल्ली तथा चेन्नई में भी स्थापित किए गए हैं। सेबी भारत में शेयर बाजार को नियंत्रित करती है। भारतीय पूँजी बाजार को विनियमित करने की वैधानिक शक्तियाँ अब सेबी के पास है। अब किसी भी शेयर बाजार को मान्यता प्रदान करने का अधिकार भी सेबी को हस्तांतरित कर दिया गया है।

Explanations:

भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) की स्थापना 12 अप्रैल, 1988 ई. को आर्थिक उदारीकरण की नीति के अन्तर्गत पूँजी बाजार में निवेशकों की रुचि बढ़ाने तथा उनके हितों की रक्षा के उद्देश्य से की गयी थी। 30 जनवरी, 1992 को एक अध्यादेश के द्वारा इसे वैधानिक दर्जा भी प्रदान कर दिया गया है। सेबी अधिनियम को संशोधित कर 30 जनवरी, 1992 सेबी को म्यूचुअल फण्डों एवं स्टॉक मार्केट के नियंत्रण के अधिकार दिए गए। इसका मुख्यालय मुम्बई में बनाया गया है जबकि क्षेत्रीय कार्यालय कोलकाता, दिल्ली तथा चेन्नई में भी स्थापित किए गए हैं। सेबी भारत में शेयर बाजार को नियंत्रित करती है। भारतीय पूँजी बाजार को विनियमित करने की वैधानिक शक्तियाँ अब सेबी के पास है। अब किसी भी शेयर बाजार को मान्यता प्रदान करने का अधिकार भी सेबी को हस्तांतरित कर दिया गया है।