Correct Answer:
Option B - 18वीं सदी के स्वतंत्रता सेनानी वीरापोड्या कट्टाबोम्मन तमिलनाडु राज्य से थे। ये तमिलनाडु में स्थित पंचलकुरिची के सरदार थे। इन्होंने ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी की सम्प्रभुता को स्वीकार करने से इंकार कर दिया और उसके खिलाफ युद्ध किये जिसे पॉलीगर का पहला युद्ध कहा गया। चतुर्थ आंग्ल मैसूर युद्ध 1799 में टीपू सुल्तान की शहादत के बाद तमिलनाडु के डिडिंगुल तथा मालाबार क्षेत्र में अंग्रेजों की भूमिकर व्यवस्था के विरुद्ध वीरा कट्टाबोम्मन ने पालीगारों की सहायता से 1801 से 1805 तक विद्रोह किया।
B. 18वीं सदी के स्वतंत्रता सेनानी वीरापोड्या कट्टाबोम्मन तमिलनाडु राज्य से थे। ये तमिलनाडु में स्थित पंचलकुरिची के सरदार थे। इन्होंने ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी की सम्प्रभुता को स्वीकार करने से इंकार कर दिया और उसके खिलाफ युद्ध किये जिसे पॉलीगर का पहला युद्ध कहा गया। चतुर्थ आंग्ल मैसूर युद्ध 1799 में टीपू सुल्तान की शहादत के बाद तमिलनाडु के डिडिंगुल तथा मालाबार क्षेत्र में अंग्रेजों की भूमिकर व्यवस्था के विरुद्ध वीरा कट्टाबोम्मन ने पालीगारों की सहायता से 1801 से 1805 तक विद्रोह किया।