Correct Answer:
Option D - तन्यता का वह विशेष प्रकरण जिसमें पदार्थ को बेलन द्वारा दबाकर या हथौडे की चोट द्वारा पतली पत्ती (सीट) में बदल जाता है, उसे आघातवर्धनीयता कहलाता है। पदार्थ के इस गुण के कारण पदार्थ को पीटकर बिना चटके (Cracking) उसे पतली चादर में बदला जा सकता है। जैसे ताँबा, सोना, चाँदी, पीतल, आदि।
D. तन्यता का वह विशेष प्रकरण जिसमें पदार्थ को बेलन द्वारा दबाकर या हथौडे की चोट द्वारा पतली पत्ती (सीट) में बदल जाता है, उसे आघातवर्धनीयता कहलाता है। पदार्थ के इस गुण के कारण पदार्थ को पीटकर बिना चटके (Cracking) उसे पतली चादर में बदला जा सकता है। जैसे ताँबा, सोना, चाँदी, पीतल, आदि।