Correct Answer:
Option A - सर्वेक्षक दिक्सूचक में ऊर्ध्वाधर बाल के साथ दृश्य वेधिका धातु की बनी होती है।
सर्वेक्षक दिक्सूचक के अभिलक्षण (Characteristics of Surveyer Compas) :-
(i) सूई के सिरे आगे से नुकीले होते हैं और यह संकेतक का काम भी करते हैं।
(ii) अंशांकित चक्री पर निशान सीधे बने है अत: यह काँच के ढक्कन के ऊपर से सीधे पढा जा सकता हैं।
(iii) दर्श वेधिका एक पतली ऊर्ध्वाधर झिर्री के रूप में होती है। दृश्य वेधिका की पतली ऊर्ध्वाधर झिर्री में महीन बाल या महीन तार लगा रहता है जो दृष्टि रेखा बनाता है।
(iv) सर्वेक्षक दिक्सूचक चक्री पर निशान चतुर्थांश दिक्मान (Q.B) प्रणाली में 0º से 90º तक बने रहते हैं।
■ प्रिज्मेटिक दिक्सूचक में चक्री पर निशान पूर्णवृत्त (W.C.B.) प्रणाली में उल्टे लिखे होते हैं। जो प्रिज्म द्वारा पढ़ने पर सीधे तथा बड़े आकार में दिखाई पड़ने हैं।
A. सर्वेक्षक दिक्सूचक में ऊर्ध्वाधर बाल के साथ दृश्य वेधिका धातु की बनी होती है।
सर्वेक्षक दिक्सूचक के अभिलक्षण (Characteristics of Surveyer Compas) :-
(i) सूई के सिरे आगे से नुकीले होते हैं और यह संकेतक का काम भी करते हैं।
(ii) अंशांकित चक्री पर निशान सीधे बने है अत: यह काँच के ढक्कन के ऊपर से सीधे पढा जा सकता हैं।
(iii) दर्श वेधिका एक पतली ऊर्ध्वाधर झिर्री के रूप में होती है। दृश्य वेधिका की पतली ऊर्ध्वाधर झिर्री में महीन बाल या महीन तार लगा रहता है जो दृष्टि रेखा बनाता है।
(iv) सर्वेक्षक दिक्सूचक चक्री पर निशान चतुर्थांश दिक्मान (Q.B) प्रणाली में 0º से 90º तक बने रहते हैं।
■ प्रिज्मेटिक दिक्सूचक में चक्री पर निशान पूर्णवृत्त (W.C.B.) प्रणाली में उल्टे लिखे होते हैं। जो प्रिज्म द्वारा पढ़ने पर सीधे तथा बड़े आकार में दिखाई पड़ने हैं।