Correct Answer:
Option D - संक्रमण वक्र (Transition curve)- स्पर्श रेखा और वक्र के जंक्शन पर वक्रता में अचानक परिवर्तन होने से उत्पन्न होने वाली असुविधा को कम करने के लिए पश्च स्पर्श रेखा को वृत्ताकार वक्र तक और फिर वृत्ताकार वक्र से अग्र स्पर्श रेखा के क्रमिक परिवर्तन के लिए मध्य में एक विशेष प्रकार का वक्र प्रदान किया जाता है। परिवर्तनीय त्रिज्या वाले इस क्षैतिज वक्र को संक्रमण के रूप में जाना जाता है।
D. संक्रमण वक्र (Transition curve)- स्पर्श रेखा और वक्र के जंक्शन पर वक्रता में अचानक परिवर्तन होने से उत्पन्न होने वाली असुविधा को कम करने के लिए पश्च स्पर्श रेखा को वृत्ताकार वक्र तक और फिर वृत्ताकार वक्र से अग्र स्पर्श रेखा के क्रमिक परिवर्तन के लिए मध्य में एक विशेष प्रकार का वक्र प्रदान किया जाता है। परिवर्तनीय त्रिज्या वाले इस क्षैतिज वक्र को संक्रमण के रूप में जाना जाता है।