Correct Answer:
Option B - दी गई युक्ति - ‘‘विश्वविद्यालय की एक छात्रा को दिन कभी भी लिखते यो पढ़ते हुये नहीं देखा जाता है परन्तु वह सौंपे गये कार्य को हमेशा समय से प्रस्तुत करती है। इसलिये यह निष्कर्ष निकाला जा सकता है कि वह रात में पढ़ती और लिखती होगी।’’ में अर्थापत्ति प्रमाण का उपयोग किया गया है।
अर्थापति को निहितार्थ के रूप में जाना जाता है, यह तब होता है जब एक ज्ञात तथ्य की व्याख्या करने के लिये एक अस्पष्ट या अनकहे तथ्य को मान लिया जाता है। यह तब उत्पन्न होता है जब दो ज्ञात तथ्य विरोधाभासी प्रतीत होते हैं और उसे विरोधाभास को सुलझाने के लिये एक नई धारणा आवश्यक होती है।
B. दी गई युक्ति - ‘‘विश्वविद्यालय की एक छात्रा को दिन कभी भी लिखते यो पढ़ते हुये नहीं देखा जाता है परन्तु वह सौंपे गये कार्य को हमेशा समय से प्रस्तुत करती है। इसलिये यह निष्कर्ष निकाला जा सकता है कि वह रात में पढ़ती और लिखती होगी।’’ में अर्थापत्ति प्रमाण का उपयोग किया गया है।
अर्थापति को निहितार्थ के रूप में जाना जाता है, यह तब होता है जब एक ज्ञात तथ्य की व्याख्या करने के लिये एक अस्पष्ट या अनकहे तथ्य को मान लिया जाता है। यह तब उत्पन्न होता है जब दो ज्ञात तथ्य विरोधाभासी प्रतीत होते हैं और उसे विरोधाभास को सुलझाने के लिये एक नई धारणा आवश्यक होती है।