Correct Answer:
Option D - ‘‘आशाबन्ध: कुसुमसदृशं प्रायशो ह्यङ्गनानां सद्य:पाति प्रणयिहृदयं विप्रयोगे रुणद्धि ’’ इतीयं सूक्ति: मेघदूते विद्यते। यह सूक्ति पूर्व मेघ की है। सूक्ति का भावार्थ है- आशा का बन्धन ही प्रेम से ओत-प्रोत, पुष्प सदृश कोमल तथा वियोग से शीघ्र टूटने वाले अबलाओं के हृदय को प्राय: रोके रहता है।
D. ‘‘आशाबन्ध: कुसुमसदृशं प्रायशो ह्यङ्गनानां सद्य:पाति प्रणयिहृदयं विप्रयोगे रुणद्धि ’’ इतीयं सूक्ति: मेघदूते विद्यते। यह सूक्ति पूर्व मेघ की है। सूक्ति का भावार्थ है- आशा का बन्धन ही प्रेम से ओत-प्रोत, पुष्प सदृश कोमल तथा वियोग से शीघ्र टूटने वाले अबलाओं के हृदय को प्राय: रोके रहता है।