Correct Answer:
Option B - माइक्रोस्कोपिक का प्रयोग प्राकृतिक तथा मानवीकृत तन्तुओं को पहचानने के लिए की जाती है। इस जाँच से तन्तुओं में यह पता लगाया जा सकता है कि तन्तु ऊन, रेशम, नॉयलान या काटन है।
इस परीक्षण द्वारा रेशों की आकृति, आकार, बनावट, लचीलापन, खुरदरापन आदि का पता चलता है।
B. माइक्रोस्कोपिक का प्रयोग प्राकृतिक तथा मानवीकृत तन्तुओं को पहचानने के लिए की जाती है। इस जाँच से तन्तुओं में यह पता लगाया जा सकता है कि तन्तु ऊन, रेशम, नॉयलान या काटन है।
इस परीक्षण द्वारा रेशों की आकृति, आकार, बनावट, लचीलापन, खुरदरापन आदि का पता चलता है।