Correct Answer:
Option C - अपने "सामाजिक - सांस्कृतिक सिद्धान्त" में, वायगोत्स्की ने भाषा के तीन चरणों का भी प्रस्ताव रखा जिसमें एक बच्चा संज्ञानात्मक रूप से विकसित होते हुए आगे बढ़ता है। ये चरण है :
(1) सामाजिक भाषण (3 या 4 वर्ष की आयु से पहले)
(2) निजी भाषण (3 से 7 वर्ष)
(3) आंतरिक भाषण या आत्म वाक (7 वर्ष से अधिक)
लेव वायगोत्स्की के अनुसार, बच्चे अपने स्वयं के व्यवहार को आत्म वाक्र के प्रयोग द्वारा नियमित करते हैं।
C. अपने "सामाजिक - सांस्कृतिक सिद्धान्त" में, वायगोत्स्की ने भाषा के तीन चरणों का भी प्रस्ताव रखा जिसमें एक बच्चा संज्ञानात्मक रूप से विकसित होते हुए आगे बढ़ता है। ये चरण है :
(1) सामाजिक भाषण (3 या 4 वर्ष की आयु से पहले)
(2) निजी भाषण (3 से 7 वर्ष)
(3) आंतरिक भाषण या आत्म वाक (7 वर्ष से अधिक)
लेव वायगोत्स्की के अनुसार, बच्चे अपने स्वयं के व्यवहार को आत्म वाक्र के प्रयोग द्वारा नियमित करते हैं।