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Q: Among the following which one is not related to Agricultural Revolution? निम्नलिखित में से कृषि क्रांति से सम्बन्धित नहीं है–
  • A. White Revolution/श्वेत क्रांति
  • B. Blue Revolution/नील क्रांति
  • C. Yellow Revolution/पीली क्रांति
  • D. None of the above/उपर्युक्त में से कोई नहीं
Correct Answer: Option D - अक्टूबर, 1968 में अमेरिका के विलियम गुआड ने खाद्य फसलों की पैदावार में हमारी इस क्रांतिकारी प्रगति को हरित क्रांति का नाम दिया। हरित क्रांति का अर्थ ऐसी स्थिति से है, जब अधिक उत्पादकता के जरिये उत्पादन में वृद्धि का मार्ग प्रशस्त किया जाए। हरित क्रांति को कृषि क्रांति भी कहा जाता है। वर्ष 1966-67 में हरित क्रांति के माध्यम से कृषि उत्पादन के क्षेत्र में क्रांतिकारी परिवर्तन आया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य उन्नत किस्म के बीजों, खाद,सिचाई तथा आधुनिक यंत्रों के उपयोग द्वारा कृषि उपज में तीव्र गति से वृद्धि करना था। इसे ही हरित क्रांति कहते हैं। भारत में डा. एम.एस. स्वामीनाथन को हरित क्रांति का जनक कहा जाता है। नई कृषि नीति का वर्णन इन्द्रधनुषी क्रांति के रूप में किया गया है। इसमें सभी क्रांतियों को समाहित किया गया है, जैसे– हरित क्रांति–खाद्यान उत्पादन, श्वेत क्रांति–दुग्ध उत्पादन, पीली क्रांति-तिलहन, लाल क्रांति मांस/टमाटर, सुनहरी क्रांति–फल, भूरी क्रांति–उर्वरक, रजत क्रांति अण्डे/मुर्गी आदि।
D. अक्टूबर, 1968 में अमेरिका के विलियम गुआड ने खाद्य फसलों की पैदावार में हमारी इस क्रांतिकारी प्रगति को हरित क्रांति का नाम दिया। हरित क्रांति का अर्थ ऐसी स्थिति से है, जब अधिक उत्पादकता के जरिये उत्पादन में वृद्धि का मार्ग प्रशस्त किया जाए। हरित क्रांति को कृषि क्रांति भी कहा जाता है। वर्ष 1966-67 में हरित क्रांति के माध्यम से कृषि उत्पादन के क्षेत्र में क्रांतिकारी परिवर्तन आया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य उन्नत किस्म के बीजों, खाद,सिचाई तथा आधुनिक यंत्रों के उपयोग द्वारा कृषि उपज में तीव्र गति से वृद्धि करना था। इसे ही हरित क्रांति कहते हैं। भारत में डा. एम.एस. स्वामीनाथन को हरित क्रांति का जनक कहा जाता है। नई कृषि नीति का वर्णन इन्द्रधनुषी क्रांति के रूप में किया गया है। इसमें सभी क्रांतियों को समाहित किया गया है, जैसे– हरित क्रांति–खाद्यान उत्पादन, श्वेत क्रांति–दुग्ध उत्पादन, पीली क्रांति-तिलहन, लाल क्रांति मांस/टमाटर, सुनहरी क्रांति–फल, भूरी क्रांति–उर्वरक, रजत क्रांति अण्डे/मुर्गी आदि।

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अक्टूबर, 1968 में अमेरिका के विलियम गुआड ने खाद्य फसलों की पैदावार में हमारी इस क्रांतिकारी प्रगति को हरित क्रांति का नाम दिया। हरित क्रांति का अर्थ ऐसी स्थिति से है, जब अधिक उत्पादकता के जरिये उत्पादन में वृद्धि का मार्ग प्रशस्त किया जाए। हरित क्रांति को कृषि क्रांति भी कहा जाता है। वर्ष 1966-67 में हरित क्रांति के माध्यम से कृषि उत्पादन के क्षेत्र में क्रांतिकारी परिवर्तन आया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य उन्नत किस्म के बीजों, खाद,सिचाई तथा आधुनिक यंत्रों के उपयोग द्वारा कृषि उपज में तीव्र गति से वृद्धि करना था। इसे ही हरित क्रांति कहते हैं। भारत में डा. एम.एस. स्वामीनाथन को हरित क्रांति का जनक कहा जाता है। नई कृषि नीति का वर्णन इन्द्रधनुषी क्रांति के रूप में किया गया है। इसमें सभी क्रांतियों को समाहित किया गया है, जैसे– हरित क्रांति–खाद्यान उत्पादन, श्वेत क्रांति–दुग्ध उत्पादन, पीली क्रांति-तिलहन, लाल क्रांति मांस/टमाटर, सुनहरी क्रांति–फल, भूरी क्रांति–उर्वरक, रजत क्रांति अण्डे/मुर्गी आदि।