Correct Answer:
Option C - ‘‘अंत:करण की वृत्तियों के चित्र का नाम कविता है’’ यह काव्य लक्षण महावीर प्रसाद द्विवेदी ने प्रस्तुत किया है। महावीरप्रसाद द्विवेदी हिन्दी के महान साहित्यकार, पत्रकार और युग-प्रवर्तक थे। इनका जन्म मई 1864 ई. रायबरेली (उ.प्र.) तथा निधन दिसम्बर 1938 ई. में हुआ। इन्होंने 17 वर्ष तक हिन्दी की प्रसिद्ध पत्रिका ‘सरस्वती’ का संपादन किया। हिंदी साहित्य में अतुलनीय योगदान के कारण आधुनिक हिंदी साहित्य का दूसरा युग `द्विवेदी युग' (1900-1920 ई.) के नाम से जाना जाता है।
आचार्य शुक्ल ने ‘कविता क्या है’? शीर्षक निबन्ध में कविता को जीवन की अनुभूति कहा है।
जयशंकर प्रसाद ने सत्य की अनुभूति को ही कविता माना है।
महादेवी वर्मा - ‘‘कविता कवि विशेष की भावनाओं का चित्रण है।’’
C. ‘‘अंत:करण की वृत्तियों के चित्र का नाम कविता है’’ यह काव्य लक्षण महावीर प्रसाद द्विवेदी ने प्रस्तुत किया है। महावीरप्रसाद द्विवेदी हिन्दी के महान साहित्यकार, पत्रकार और युग-प्रवर्तक थे। इनका जन्म मई 1864 ई. रायबरेली (उ.प्र.) तथा निधन दिसम्बर 1938 ई. में हुआ। इन्होंने 17 वर्ष तक हिन्दी की प्रसिद्ध पत्रिका ‘सरस्वती’ का संपादन किया। हिंदी साहित्य में अतुलनीय योगदान के कारण आधुनिक हिंदी साहित्य का दूसरा युग `द्विवेदी युग' (1900-1920 ई.) के नाम से जाना जाता है।
आचार्य शुक्ल ने ‘कविता क्या है’? शीर्षक निबन्ध में कविता को जीवन की अनुभूति कहा है।
जयशंकर प्रसाद ने सत्य की अनुभूति को ही कविता माना है।
महादेवी वर्मा - ‘‘कविता कवि विशेष की भावनाओं का चित्रण है।’’