Correct Answer:
Option B - अनु + एषण - अन्वेषण (यण सन्धि)
ह्रस्व या दीर्घ इ, ई, उ, ऊ, या ऋ से परे यदि कोई असमान स्वर हो तो इ, ई, का य्, उ, ऊ का व्, और ऋ का र् हो जाता है। इसे यण सन्धि कहते हैं।
B. अनु + एषण - अन्वेषण (यण सन्धि)
ह्रस्व या दीर्घ इ, ई, उ, ऊ, या ऋ से परे यदि कोई असमान स्वर हो तो इ, ई, का य्, उ, ऊ का व्, और ऋ का र् हो जाता है। इसे यण सन्धि कहते हैं।