Correct Answer:
Option B - हिन्दी के आत्मकथा साहित्य में जैन कवि बनारसी दास द्वारा लिखी गई `अर्द्धकथानक' को हिन्दी की प्रथम आत्मकथा कहा जाता है। भारतेन्दु हरिश्चन्द्र द्वारा लिखी गई आत्मकथा – `कुछ आप बीती, कुछ जग बीती', `अम्बिकादत्त व्यास की आत्मकथा `निज वृत्तांत', सत्यदेव परिव्राजक की आत्मकथा `स्वतंत्रता की खोज' राहुल सांकृत्यायन `मेरी जीवन यात्रा', वियोगी हरि की `मेरा जीवन प्रवाह', शांतिप्रिय द्विवेदी की `परिव्राजक का प्रजा', यशपाल की सिन्हावलोकन' हरिवंशराय बच्चन की `क्या भूलूँ क्या याद करूँ', तथा `नीड़ का निर्माण फिर' आदि हिन्दी की प्रमुख आत्मकथाएँ हैं।
B. हिन्दी के आत्मकथा साहित्य में जैन कवि बनारसी दास द्वारा लिखी गई `अर्द्धकथानक' को हिन्दी की प्रथम आत्मकथा कहा जाता है। भारतेन्दु हरिश्चन्द्र द्वारा लिखी गई आत्मकथा – `कुछ आप बीती, कुछ जग बीती', `अम्बिकादत्त व्यास की आत्मकथा `निज वृत्तांत', सत्यदेव परिव्राजक की आत्मकथा `स्वतंत्रता की खोज' राहुल सांकृत्यायन `मेरी जीवन यात्रा', वियोगी हरि की `मेरा जीवन प्रवाह', शांतिप्रिय द्विवेदी की `परिव्राजक का प्रजा', यशपाल की सिन्हावलोकन' हरिवंशराय बच्चन की `क्या भूलूँ क्या याद करूँ', तथा `नीड़ का निर्माण फिर' आदि हिन्दी की प्रमुख आत्मकथाएँ हैं।