Correct Answer:
Option B - जब केन्द्रीय बैंक दरें बढ़ाता है या मौद्रिक नीति को कड़ा करता है तो बैंक भी अंतिम उधारकर्ताओं के लिए ऋण पर ब्याज दर बढ़ाते हैं, जिससे वित्तीय प्रणाली में मांग पर अंकुश लगता है।
हॉकिश स्टांस (Hawkish Stance) मौद्रिक नीति का वह रुख है जिसमें केन्द्रीय बैंक मुख्य रूप से मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने पर जोर देता है। इसके तहत ब्याज दरें बढ़ाई जाती हैं या दरों के घटने के संकेत दिये जाते हैं। इस नीति का उद्देश्य मूल्य स्थिरता बनाए रखना और मंहगाई को लक्ष्य सीमा के भीतर रखना है।
B. जब केन्द्रीय बैंक दरें बढ़ाता है या मौद्रिक नीति को कड़ा करता है तो बैंक भी अंतिम उधारकर्ताओं के लिए ऋण पर ब्याज दर बढ़ाते हैं, जिससे वित्तीय प्रणाली में मांग पर अंकुश लगता है।
हॉकिश स्टांस (Hawkish Stance) मौद्रिक नीति का वह रुख है जिसमें केन्द्रीय बैंक मुख्य रूप से मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने पर जोर देता है। इसके तहत ब्याज दरें बढ़ाई जाती हैं या दरों के घटने के संकेत दिये जाते हैं। इस नीति का उद्देश्य मूल्य स्थिरता बनाए रखना और मंहगाई को लक्ष्य सीमा के भीतर रखना है।