Correct Answer:
Option C - जैन धर्म के श्वेताम्बर सम्प्रदाय के अनुसार 19वें तीर्थंकर मल्लिनाथ स्त्री थी, शेष तीर्थंकर पुरुष थे, जबकि दिगम्बर सम्प्रदाय का मानना है कि महिलाएँ तीर्थंकर नहीं हो सकती हैं। अत: मल्लिनाथ पुरुष थे। इनका मानना था कि स्त्री तीर्थंकर तभी बन सकती है जब वह पुरुष रूप में जन्म ले। इस संबंध में स्पष्ट जानकारी का अभाव है। 22वें तीर्थंकर अरिष्टनेमि को वासुदेव श्री कृष्ण का समकालीन माना जाता है।
C. जैन धर्म के श्वेताम्बर सम्प्रदाय के अनुसार 19वें तीर्थंकर मल्लिनाथ स्त्री थी, शेष तीर्थंकर पुरुष थे, जबकि दिगम्बर सम्प्रदाय का मानना है कि महिलाएँ तीर्थंकर नहीं हो सकती हैं। अत: मल्लिनाथ पुरुष थे। इनका मानना था कि स्त्री तीर्थंकर तभी बन सकती है जब वह पुरुष रूप में जन्म ले। इस संबंध में स्पष्ट जानकारी का अभाव है। 22वें तीर्थंकर अरिष्टनेमि को वासुदेव श्री कृष्ण का समकालीन माना जाता है।