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Q: At which of the following place, evidence of the cultivation of wheat and barley is found at first? निम्नलिखित में से किस स्थान पर नवपाषाण स्तर पर गेहूँ एवं जौ की खेती के सर्वप्रथम प्रमाण मिलते हैं?
  • A. Rangpur/रंगपुर
  • B. Lothal/ लोथल
  • C. Mehargarh/मेहरगढ़
  • D. Koldihwa/कोल्डिहवा
Correct Answer: Option C - सिन्ध और बलूचिस्तान की सीमा पर कच्छ के मैदान में बोलन नदी के किनारे मेहरगढ़ नामक स्थल से कृषि का पहला स्पष्ट साक्ष्य प्राप्त हुआ है। लगभग ईसा पूर्व 7000 के आस-पास के संदर्भ में कृषिजन्य गेहूँ और जौ की विभिन्न किस्में प्राप्त हुई हैं। साथ ही मेहरगढ़ से पशुपालन के साक्ष्य भी मिले हैं। मेहरगढ़ से पाषाण संस्कृति से लेकर हड़प्पा सभ्यता तक के सांस्कृतिक अवशेष प्राप्त हुए हैं। नवीनतम शोधों के अनुसार भारतीय उपमहाद्वीप में कृषि का प्राचीनतम साक्ष्य उत्तर प्रदेश के संत कबीर नगर जिले में स्थित लहुरादेव से प्राप्त होता है जहाँ से 9000 ई.पू. से 8000 ई.पू. के मध्य के चावल के साक्ष्य प्राप्त हुए हैं।
C. सिन्ध और बलूचिस्तान की सीमा पर कच्छ के मैदान में बोलन नदी के किनारे मेहरगढ़ नामक स्थल से कृषि का पहला स्पष्ट साक्ष्य प्राप्त हुआ है। लगभग ईसा पूर्व 7000 के आस-पास के संदर्भ में कृषिजन्य गेहूँ और जौ की विभिन्न किस्में प्राप्त हुई हैं। साथ ही मेहरगढ़ से पशुपालन के साक्ष्य भी मिले हैं। मेहरगढ़ से पाषाण संस्कृति से लेकर हड़प्पा सभ्यता तक के सांस्कृतिक अवशेष प्राप्त हुए हैं। नवीनतम शोधों के अनुसार भारतीय उपमहाद्वीप में कृषि का प्राचीनतम साक्ष्य उत्तर प्रदेश के संत कबीर नगर जिले में स्थित लहुरादेव से प्राप्त होता है जहाँ से 9000 ई.पू. से 8000 ई.पू. के मध्य के चावल के साक्ष्य प्राप्त हुए हैं।

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सिन्ध और बलूचिस्तान की सीमा पर कच्छ के मैदान में बोलन नदी के किनारे मेहरगढ़ नामक स्थल से कृषि का पहला स्पष्ट साक्ष्य प्राप्त हुआ है। लगभग ईसा पूर्व 7000 के आस-पास के संदर्भ में कृषिजन्य गेहूँ और जौ की विभिन्न किस्में प्राप्त हुई हैं। साथ ही मेहरगढ़ से पशुपालन के साक्ष्य भी मिले हैं। मेहरगढ़ से पाषाण संस्कृति से लेकर हड़प्पा सभ्यता तक के सांस्कृतिक अवशेष प्राप्त हुए हैं। नवीनतम शोधों के अनुसार भारतीय उपमहाद्वीप में कृषि का प्राचीनतम साक्ष्य उत्तर प्रदेश के संत कबीर नगर जिले में स्थित लहुरादेव से प्राप्त होता है जहाँ से 9000 ई.पू. से 8000 ई.पू. के मध्य के चावल के साक्ष्य प्राप्त हुए हैं।