Correct Answer:
Option D - स्वस्थेन मनुष्येण ब्राह्मे मुहूर्ते उत्थातव्यम्।
अर्थात्- स्वस्थ्य मनुष्य को ब्रह्म मुहूर्त में उठना चाहिए। शरीर के स्वस्थ्य होने के निम्नलिखित नियम है–
(1) ब्रह्म मुहूर्त में उठना चाहिए।
(2) नियमित रूप से दन्तशुद्धि करना चाहिए।
(3) निर्मल जल से मुख को धोना चाहिए।
D. स्वस्थेन मनुष्येण ब्राह्मे मुहूर्ते उत्थातव्यम्।
अर्थात्- स्वस्थ्य मनुष्य को ब्रह्म मुहूर्त में उठना चाहिए। शरीर के स्वस्थ्य होने के निम्नलिखित नियम है–
(1) ब्रह्म मुहूर्त में उठना चाहिए।
(2) नियमित रूप से दन्तशुद्धि करना चाहिए।
(3) निर्मल जल से मुख को धोना चाहिए।