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Q: अधोलिखितं गद्यांशं पठित्वा प्रश्नानां (9-15) विकल्पात्मकोत्तरेभ्य: उचिततमं उत्तरं चिनुत- उपवने विचरणं कुर्वन् राजकुमार: एकेन विषधरेण दंष्ट: अभूत। अचेतनं तं तस्य सहचरा: राज्ञे निवेदितवन्त:। सम्पूर्णे राजपरिवारे शोक: आच्छन्न:। एकमात्रं स: एव राज्ञ: प्रियतम: उत्तराधिकारी आसीत्। राजवैद्या: तस्य चिकित्सां अकुर्वन्। किन्तु सफलता नैव मिलिता। राजज्योतिषिणा तस्य दीर्घायुष्यं जन्मपत्रत: दृष्टवा एक: उपाय: यत् यदि काचित् सती साध्वी स्त्री राजकुमारं दष्ट-स्थाने स्पृशेत् तर्हि अयं स्वस्थ: भवेत्। राज्ञ: अनेकपत्न्य: आसन्। राजकुमारस्य जननी अपि तासु एका आसीत। सा प्रथमं तत: च क्रमश: सर्वा: अपि राज्ञ्य: राजकुमारं स्पृष्टवत्य:। किन्तु राजकुमारस्य चेतना नैव आयाता। अनेन राज्ञीनाम् असतीत्वम् अपि प्रकटितम् अभूत्। पुरस्कार- लोभेन राज्यस्य अन्याभि: अपि महिलाभि: चेष्टा कृता। किन्तु ता; अपि विफला: एवं अतिष्ठन्। अन्ते तेन एव राजज्योतिषिणा राजा निवेदित: यत् अधुना एव राज्य-सीमायाम् एका युवति: स्वस्य पत्या सह प्रविष्टा अस्ति। कदाचित् सा कार्यं साधयेत्। राजा एकाकी एव ताम् आनेतुं निर्गत: । ताम् उपेत्य स: अनुनयं विनयं कृत्वा राजभवनम् आनीतवान्। तस्या: स्पर्शमात्रेण राजकुमार: तत्क्षणम् एव सुप्तोत्थित: इव जागरित:। सर्वेषां हर्षेण मुख-कमलानि विकसितानि अजायन्त। विरक्त: राजा स्वीयं राज्यार्धं ताभ्यां दम्पतिभ्याम्, अवशिष्ट च आत्मजाय समर्प्य तप: तप्तुं वनं प्रस्थित: इति। राजकुमार: केन कारणेन अचेतन: अभूत?
  • A. विषधरस्य विषेण
  • B. पुष्पाणां परागेण
  • C. फलानां भक्षणेन
  • D. भूमौ पतनेन
Correct Answer: Option A - राजकुमार: विषधरस्य विषेण कारणेन अचेतना: अभूत्। राजकुमार विषधर अर्थात् सर्प के दंश विष से अचेतन हो गया। गद्यांश के अनुसार उपवन में भ्रमण करते हुए राजकुमार को विषधर ने डस लिया सभी वैद्यों ने चिकित्सा की परन्तु वे विफल हो गये। राजज्योतिषियों ने बताया कि कोई साध्वी स्त्री इसका स्पर्श कर ले यह ठीक हो जायेगा, राजपरिवार तथा राज्य की भी स्त्रियों ने उसका स्पर्श किया वह ठीक न हुआ। अन्त में एक अन्य राज्य की युवति उस राज्य में थी, उस दम्पत्ती को राजा ने स्वयं बुलाया उसके स्पर्श से वह ठीक हो गया बाद वह राजा अपना आधा राज्य उस दम्पत्ती को तथा शेष पुत्र को देकर वन गया।
A. राजकुमार: विषधरस्य विषेण कारणेन अचेतना: अभूत्। राजकुमार विषधर अर्थात् सर्प के दंश विष से अचेतन हो गया। गद्यांश के अनुसार उपवन में भ्रमण करते हुए राजकुमार को विषधर ने डस लिया सभी वैद्यों ने चिकित्सा की परन्तु वे विफल हो गये। राजज्योतिषियों ने बताया कि कोई साध्वी स्त्री इसका स्पर्श कर ले यह ठीक हो जायेगा, राजपरिवार तथा राज्य की भी स्त्रियों ने उसका स्पर्श किया वह ठीक न हुआ। अन्त में एक अन्य राज्य की युवति उस राज्य में थी, उस दम्पत्ती को राजा ने स्वयं बुलाया उसके स्पर्श से वह ठीक हो गया बाद वह राजा अपना आधा राज्य उस दम्पत्ती को तथा शेष पुत्र को देकर वन गया।

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राजकुमार: विषधरस्य विषेण कारणेन अचेतना: अभूत्। राजकुमार विषधर अर्थात् सर्प के दंश विष से अचेतन हो गया। गद्यांश के अनुसार उपवन में भ्रमण करते हुए राजकुमार को विषधर ने डस लिया सभी वैद्यों ने चिकित्सा की परन्तु वे विफल हो गये। राजज्योतिषियों ने बताया कि कोई साध्वी स्त्री इसका स्पर्श कर ले यह ठीक हो जायेगा, राजपरिवार तथा राज्य की भी स्त्रियों ने उसका स्पर्श किया वह ठीक न हुआ। अन्त में एक अन्य राज्य की युवति उस राज्य में थी, उस दम्पत्ती को राजा ने स्वयं बुलाया उसके स्पर्श से वह ठीक हो गया बाद वह राजा अपना आधा राज्य उस दम्पत्ती को तथा शेष पुत्र को देकर वन गया।