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Q: अधोलिखित में से श्रीमद्भगवद्गीता में जो नहीं कहा गया
  • A. ईशावास्यमिदं सर्वम्
  • B. कर्मब्रह्मोद्भवं विद्धि
  • C. योगस्थ: कुरु कर्माणि
  • D. ओमित्येकाक्षरं ब्रह्म
Correct Answer: Option A - कर्मब्रह्मोद्भवं विद्धि, योगस्थ: कुरु कर्माणि, ओमित्येकाक्षरं ब्रह्म ये सभी मन्त्र श्रीमद्भगवद्गीता में कहे गये हैं किन्तु ‘ईशावास्यमिदं सर्वम्’ मन्त्र गीता में नहीं आया है। गीता को उपनिषदों का सार बताते हुए कहा गया है कि - सर्वोपनिषदो गावो दोग्धा गोपालनन्दन:। पार्थो वत्स: सुधीर्भोक्ता दुग्धं गीतामृतं महत् ।।
A. कर्मब्रह्मोद्भवं विद्धि, योगस्थ: कुरु कर्माणि, ओमित्येकाक्षरं ब्रह्म ये सभी मन्त्र श्रीमद्भगवद्गीता में कहे गये हैं किन्तु ‘ईशावास्यमिदं सर्वम्’ मन्त्र गीता में नहीं आया है। गीता को उपनिषदों का सार बताते हुए कहा गया है कि - सर्वोपनिषदो गावो दोग्धा गोपालनन्दन:। पार्थो वत्स: सुधीर्भोक्ता दुग्धं गीतामृतं महत् ।।

Explanations:

कर्मब्रह्मोद्भवं विद्धि, योगस्थ: कुरु कर्माणि, ओमित्येकाक्षरं ब्रह्म ये सभी मन्त्र श्रीमद्भगवद्गीता में कहे गये हैं किन्तु ‘ईशावास्यमिदं सर्वम्’ मन्त्र गीता में नहीं आया है। गीता को उपनिषदों का सार बताते हुए कहा गया है कि - सर्वोपनिषदो गावो दोग्धा गोपालनन्दन:। पार्थो वत्स: सुधीर्भोक्ता दुग्धं गीतामृतं महत् ।।