Correct Answer:
Option D - ईश्वर: सर्वभूतानां.............।
.............यन्त्रारूढानिमायया।। अस्मिन् श्लोके अनुष्टुप् छन्द:। अर्थात् इस श्लोक में अनुष्टप् छन्द है।
लक्षण–श्लोके षष्ठं गुरूज्ञेय सर्वत्र लघु पञ्चमम्।
द्विचतुष्पादयोह्र्रस्वं सप्तम दीर्घमन्ययो:।। अर्थात् इसमें चार चरण होते हैं इसमें छठा वर्ण गुरु वर्ण और पञ्चम वर्ण लघु होता है तथा द्वितीय और चतुर्थ पद में सप्तम् वर्ण ह्रस्व और प्रथम तृतीय में दीर्घ होता है।
D. ईश्वर: सर्वभूतानां.............।
.............यन्त्रारूढानिमायया।। अस्मिन् श्लोके अनुष्टुप् छन्द:। अर्थात् इस श्लोक में अनुष्टप् छन्द है।
लक्षण–श्लोके षष्ठं गुरूज्ञेय सर्वत्र लघु पञ्चमम्।
द्विचतुष्पादयोह्र्रस्वं सप्तम दीर्घमन्ययो:।। अर्थात् इसमें चार चरण होते हैं इसमें छठा वर्ण गुरु वर्ण और पञ्चम वर्ण लघु होता है तथा द्वितीय और चतुर्थ पद में सप्तम् वर्ण ह्रस्व और प्रथम तृतीय में दीर्घ होता है।