Correct Answer:
Option B - कौन्तेय स्वभावजं कर्म मोहात् कत्र्तुं नेच्छति। अर्थात् कुन्ती पुत्र अर्जुन स्वभाव से उत्पन्न कर्म मोहवश करना नहीं चाहते हैं–
स्वभावजेन कौन्तेय निबद्ध: स्वेनकर्मणा।
कर्तुंनेच्छसि यन्मोहात्करिष्यस्यशोऽपि तत्।।
B. कौन्तेय स्वभावजं कर्म मोहात् कत्र्तुं नेच्छति। अर्थात् कुन्ती पुत्र अर्जुन स्वभाव से उत्पन्न कर्म मोहवश करना नहीं चाहते हैं–
स्वभावजेन कौन्तेय निबद्ध: स्वेनकर्मणा।
कर्तुंनेच्छसि यन्मोहात्करिष्यस्यशोऽपि तत्।।