Explanations:
बच्चों का विकास व्यक्तिगत भिन्नताओं के सिद्धान्त का अनुसरण करता है। इस सिद्धान्त के अनुसार विकास की दर में पायी जाने वाली व्यक्तिगत भिन्नता लगभग समान रहती है। बालक अपनी स्वाभाविक गति से वृद्धि और विकास के विभिन्न क्षेत्रों में आगे बढ़ते रहता है। और इसी कारण उनमें पर्याप्त भिन्नता देखने को मिलती है। कोई भी बालक वृद्धि और विकास की दृष्टि से किसी अन्य बालक के समरूप नही होता है उनमें कुछ न कुछ भिन्नताएँ देखने को मिलती हैं।