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Q: बंगाल में द्वैध-शासन तंत्र की शुरुआत किसने की थी?
  • A. रॉबर्ट क्लाईव
  • B. वारेन हेस्टिंग्स
  • C. लॉर्ड वेलेस्ली
  • D. जॉन एडम्स
Correct Answer: Option A - जब दो स्वतंत्र सत्ताएं एक साथ सत्ता का संचालन करती है तो इसे द्वैध शासन कहते है। प्रांतों में द्वैध शासन का सिद्धान्त सबसे पहले लियोनेस कर्टियस नामक अंग्रेज ने अपनी पुस्तक ‘डायर्की’ में प्रतिपादित किया। बंगाल में द्वैध शासन की शुरूआत राबर्ट क्लाइव ने की। क्लाइव ने द्वैध शासन के अंतर्गत प्रशासन, राजस्व वसूली तथा दीवानी न्याय अपने पास रखे तथा आन्तरिक शान्ति व्यवस्था, फौजदारी न्याय एवं अन्य समस्त प्रशासनिक दायित्व नवाब पर छोड़ दिया। द्वैध शासन 1765 से 1772 ई. तक लागू था। वारेन हेस्टिंगस ने 1772 में इस व्यवस्था को समाप्त किया।
A. जब दो स्वतंत्र सत्ताएं एक साथ सत्ता का संचालन करती है तो इसे द्वैध शासन कहते है। प्रांतों में द्वैध शासन का सिद्धान्त सबसे पहले लियोनेस कर्टियस नामक अंग्रेज ने अपनी पुस्तक ‘डायर्की’ में प्रतिपादित किया। बंगाल में द्वैध शासन की शुरूआत राबर्ट क्लाइव ने की। क्लाइव ने द्वैध शासन के अंतर्गत प्रशासन, राजस्व वसूली तथा दीवानी न्याय अपने पास रखे तथा आन्तरिक शान्ति व्यवस्था, फौजदारी न्याय एवं अन्य समस्त प्रशासनिक दायित्व नवाब पर छोड़ दिया। द्वैध शासन 1765 से 1772 ई. तक लागू था। वारेन हेस्टिंगस ने 1772 में इस व्यवस्था को समाप्त किया।

Explanations:

जब दो स्वतंत्र सत्ताएं एक साथ सत्ता का संचालन करती है तो इसे द्वैध शासन कहते है। प्रांतों में द्वैध शासन का सिद्धान्त सबसे पहले लियोनेस कर्टियस नामक अंग्रेज ने अपनी पुस्तक ‘डायर्की’ में प्रतिपादित किया। बंगाल में द्वैध शासन की शुरूआत राबर्ट क्लाइव ने की। क्लाइव ने द्वैध शासन के अंतर्गत प्रशासन, राजस्व वसूली तथा दीवानी न्याय अपने पास रखे तथा आन्तरिक शान्ति व्यवस्था, फौजदारी न्याय एवं अन्य समस्त प्रशासनिक दायित्व नवाब पर छोड़ दिया। द्वैध शासन 1765 से 1772 ई. तक लागू था। वारेन हेस्टिंगस ने 1772 में इस व्यवस्था को समाप्त किया।