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Q: बिहार में भारत छोड़ो आन्दोलन के दौरान सचिवालय गोलीबारी की घटना कब हुई थी?
  • A. 14 अगस्त, 1942
  • B. 11 अगस्त, 1942
  • C. 9 अगस्त, 1942
  • D. 15 अगस्त, 1942
Correct Answer: Option B - बिहार में भारत छोड़ो आन्दोलन के दौरान सचिवालय गोलीबारी की घटना 11 अगस्त, 1942 को घटित हुयी थी। 8 अगस्त, 1942 महात्मा गांधी ने ब्रिटिश शासन को समाप्त करने का आह्वान किया, जिसे अब अगस्त क्रांति मैदान के नाम से जाना जाता है। गांधी जी ने ग्वालिया टैंक मैदान में अपने भाषण में ‘‘करो या मरो’’ का आह्वान किया, जिसे अब अगस्त क्रांति मैदान के नाम से जाना जाता है। स्वतंत्रता आन्दोलन की ‘ग्रैंड ओल्ड लेडी’ के रूप में लोकप्रिय अरूणा आसफ अली को भारत छोड़ो आन्दोलन के दौरान मुम्बई के ग्वालिया टैंक मैदान में भारतीय ध्वज फहराने के लिए जाना जाता है।
B. बिहार में भारत छोड़ो आन्दोलन के दौरान सचिवालय गोलीबारी की घटना 11 अगस्त, 1942 को घटित हुयी थी। 8 अगस्त, 1942 महात्मा गांधी ने ब्रिटिश शासन को समाप्त करने का आह्वान किया, जिसे अब अगस्त क्रांति मैदान के नाम से जाना जाता है। गांधी जी ने ग्वालिया टैंक मैदान में अपने भाषण में ‘‘करो या मरो’’ का आह्वान किया, जिसे अब अगस्त क्रांति मैदान के नाम से जाना जाता है। स्वतंत्रता आन्दोलन की ‘ग्रैंड ओल्ड लेडी’ के रूप में लोकप्रिय अरूणा आसफ अली को भारत छोड़ो आन्दोलन के दौरान मुम्बई के ग्वालिया टैंक मैदान में भारतीय ध्वज फहराने के लिए जाना जाता है।

Explanations:

बिहार में भारत छोड़ो आन्दोलन के दौरान सचिवालय गोलीबारी की घटना 11 अगस्त, 1942 को घटित हुयी थी। 8 अगस्त, 1942 महात्मा गांधी ने ब्रिटिश शासन को समाप्त करने का आह्वान किया, जिसे अब अगस्त क्रांति मैदान के नाम से जाना जाता है। गांधी जी ने ग्वालिया टैंक मैदान में अपने भाषण में ‘‘करो या मरो’’ का आह्वान किया, जिसे अब अगस्त क्रांति मैदान के नाम से जाना जाता है। स्वतंत्रता आन्दोलन की ‘ग्रैंड ओल्ड लेडी’ के रूप में लोकप्रिय अरूणा आसफ अली को भारत छोड़ो आन्दोलन के दौरान मुम्बई के ग्वालिया टैंक मैदान में भारतीय ध्वज फहराने के लिए जाना जाता है।