Correct Answer:
Option C - राजा रवि वर्मा ने जर्मनी से प्राप्त प्रेस से घाटकोपर नामक स्थान पर सन् 1894 में बडौदा नरेश सर माधव राव की सलाह पर ओलियोग्राफी प्रेस खोली। इसे लोथोग्राफी प्रेस के नाम से जाना जाता था। इन्होंने बड़ी मात्रा में प्रेस से पौराणिक चित्रों की प्रतियां निकाली जिन्हें आलियोग्राफ कहा गया।
C. राजा रवि वर्मा ने जर्मनी से प्राप्त प्रेस से घाटकोपर नामक स्थान पर सन् 1894 में बडौदा नरेश सर माधव राव की सलाह पर ओलियोग्राफी प्रेस खोली। इसे लोथोग्राफी प्रेस के नाम से जाना जाता था। इन्होंने बड़ी मात्रा में प्रेस से पौराणिक चित्रों की प्रतियां निकाली जिन्हें आलियोग्राफ कहा गया।