Explanations:
महान्यायवादी भारत का सर्वोच्च विधि अधिकारी होता है। संविधान का अनुच्छेद 76 से 78 में भारत के महान्यायवादी के बारे में बताया है। महान्यायवादी की नियुक्ति राष्ट्रपति करता है तथा वह उसके प्रसाद पर्यन्त पद धारण करता है। उसकी वही योग्यता होनी चाहिए जो उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश बनने के लिए होती है। वह भारत के राज्य क्षेत्र के सभी न्यायालय में सुनवाई का अधिकार है।