Explanations:
भारत सरकार अधिनियम, 1935 के तहत बिहार विधान परिषद में 29 सदस्य थे। सदस्यों का चुनाव अप्रत्यक्ष रूप से होता था और कुछ को मनोनीत भी किया जाता था। राज्यपाल के आदेश से रायबहादुर सतीश चंद्र सिन्हा इसके अध्यक्ष बने बाद में राजीव रंजन सिन्हा को इसका अध्यक्ष चुना गया।