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Q: भारतीय भाषाओं के लेखक अमेरिकी, यूरोपीय तथा चीन, बर्मा, जापान के लेखकों से भी हीन है, क्योंकि –
  • A. उनके साहित्य को भारत के सुशिक्षित लोग नहीं पढ़ते ।
  • B. वे अंग्रेजी के मोह से ग्रस्त है।
  • C. उनके साहित्य को भारत में नहीं पढ़ा जाता।
  • D. उनमें स्वभाषा के प्रति गौरव नहीं है।
Correct Answer: Option A - उपर्युक्त गद्यांश के अनुसार भारतीय भाषाओं के लेखक अमेरिकी, यूरोपीय तथा चीन, बर्मा, जापान के लेखकों से भी हीन हैं क्योंकि उनके साहित्य को भारत के सुशिक्षित लोग नहीं पढ़ते। अत: विकल्प (a) सही उत्तर होगा।
A. उपर्युक्त गद्यांश के अनुसार भारतीय भाषाओं के लेखक अमेरिकी, यूरोपीय तथा चीन, बर्मा, जापान के लेखकों से भी हीन हैं क्योंकि उनके साहित्य को भारत के सुशिक्षित लोग नहीं पढ़ते। अत: विकल्प (a) सही उत्तर होगा।

Explanations:

उपर्युक्त गद्यांश के अनुसार भारतीय भाषाओं के लेखक अमेरिकी, यूरोपीय तथा चीन, बर्मा, जापान के लेखकों से भी हीन हैं क्योंकि उनके साहित्य को भारत के सुशिक्षित लोग नहीं पढ़ते। अत: विकल्प (a) सही उत्तर होगा।