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Q: भाषाकक्षायां प्रवाहस्य विकास: तदैव भवति यदा सम्पूर्णकक्षा मिलित्वा स्वतन्त्ररूपेण कार्य करोति, यतो हि
  • A. छात्रा: जानन्ति यत् अध्यापक: तान् शृणोति।
  • B. अध्यापक: त्रुटी: ज्ञातुं शुद्धीकर्तुं च सज्जित: भवति।
  • C. ये छात्रा: आत्मविश्वस्ता: न सन्ति ते मौनं धर्तुं स्वतन्त्रा: भवन्ति।
  • D. छात्रा: सम्प्रेषणार्थं लक्ष्यभाषाया: प्रयोगं कर्तुं प्रचुरमात्रया अवसरान् प्राप्नुवन्ति।
Correct Answer: Option D - भाषाकक्षा के प्रवाह या गति का विकास तभी सम्भव होता है जब सम्पूर्ण कक्षा मिलकर स्वतन्त्रतापूर्वक कार्यों का संचालन करता है, यथा–छात्रों में सम्प्रेषण के लिए लक्ष्यभाषा का प्रयोग करने का पर्याप्त मात्रा में अवसर प्राप्त हो।
D. भाषाकक्षा के प्रवाह या गति का विकास तभी सम्भव होता है जब सम्पूर्ण कक्षा मिलकर स्वतन्त्रतापूर्वक कार्यों का संचालन करता है, यथा–छात्रों में सम्प्रेषण के लिए लक्ष्यभाषा का प्रयोग करने का पर्याप्त मात्रा में अवसर प्राप्त हो।

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भाषाकक्षा के प्रवाह या गति का विकास तभी सम्भव होता है जब सम्पूर्ण कक्षा मिलकर स्वतन्त्रतापूर्वक कार्यों का संचालन करता है, यथा–छात्रों में सम्प्रेषण के लिए लक्ष्यभाषा का प्रयोग करने का पर्याप्त मात्रा में अवसर प्राप्त हो।