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Q: बाजीराव II (1796-1818 ई.) किस वंश का शासक था?
  • A. नंद
  • B. हर्यंक
  • C. मौर्य
  • D. पेशवा
Correct Answer: Option D - पेशवा मुख्यत: मराठा साम्राज्य के राजा का प्रधान मंत्री होता था। बाजीराव-I के समय से यह पद वंशानुगत हो गया। इसका कार्य सम्पूर्ण राज्य के शासन की देखभाल करना था। बाजीराव-II (1795-1818 ई.) माधवराव नारायण की हत्या के बाद पेशवा बना। यह एक अकुशल शासक था। 1802 में इसने अंग्रेजों से बसीन की सन्धि की तथा इसके तहत सहायक सन्धि स्वीकार की, जिससे मराठा अधिकारियों में मतभेद प्रारम्भ हो गया। ओवन ने इस सन्धि के लिए लिखा कि ‘इस सन्धि ने अपने प्रत्यक्ष और परोक्ष कार्यों द्वारा कंपनी को भारत का साम्राज्य दे दिया।’
D. पेशवा मुख्यत: मराठा साम्राज्य के राजा का प्रधान मंत्री होता था। बाजीराव-I के समय से यह पद वंशानुगत हो गया। इसका कार्य सम्पूर्ण राज्य के शासन की देखभाल करना था। बाजीराव-II (1795-1818 ई.) माधवराव नारायण की हत्या के बाद पेशवा बना। यह एक अकुशल शासक था। 1802 में इसने अंग्रेजों से बसीन की सन्धि की तथा इसके तहत सहायक सन्धि स्वीकार की, जिससे मराठा अधिकारियों में मतभेद प्रारम्भ हो गया। ओवन ने इस सन्धि के लिए लिखा कि ‘इस सन्धि ने अपने प्रत्यक्ष और परोक्ष कार्यों द्वारा कंपनी को भारत का साम्राज्य दे दिया।’

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पेशवा मुख्यत: मराठा साम्राज्य के राजा का प्रधान मंत्री होता था। बाजीराव-I के समय से यह पद वंशानुगत हो गया। इसका कार्य सम्पूर्ण राज्य के शासन की देखभाल करना था। बाजीराव-II (1795-1818 ई.) माधवराव नारायण की हत्या के बाद पेशवा बना। यह एक अकुशल शासक था। 1802 में इसने अंग्रेजों से बसीन की सन्धि की तथा इसके तहत सहायक सन्धि स्वीकार की, जिससे मराठा अधिकारियों में मतभेद प्रारम्भ हो गया। ओवन ने इस सन्धि के लिए लिखा कि ‘इस सन्धि ने अपने प्रत्यक्ष और परोक्ष कार्यों द्वारा कंपनी को भारत का साम्राज्य दे दिया।’