Explanations:
सल्तनत काल के गुलामवंशी शासक उलूग खाँ ने ‘बलबन’ की उपाधि धारण की थी। उलूग खाँ को नासिरुद्दीन महमूद ने यह उपाधि प्रदान की थी। बलबन ने राजत्व के सिद्धान्त का प्रतिपादन किया था। बलबन ने दरबार में सिजदा एवं पाबोस प्रथाओं को लागू किया तथा ‘नवरोज’ त्योहार मनाना प्रारम्भ किया। बलबन ने एक सैन्य विभाग ‘दीवान-ए-अर्ज’ की स्थापना की थी।