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Q: बालान् नवीनशब्दान् पाठयितुं शिक्षिका प्रकृतवस्तूनाम् उपयोगं करोति यत:-
  • A. एतेन प्रकृतजीवने दृष्टै: वस्तुभि: सह शब्दानां सम्बन्धस्थापने छात्राणां सहायता भवति।
  • B. बालशिक्षार्थिन: निराकारचिन्तने समर्था: न सन्ति। तस्मात् प्रकृतवस्तूनि तेषाम् अधिगमे साहाय्यं कुर्वन्ति।
  • C. वस्तुभि: एव वयं नवीनशब्दान् पाठयितुं शक्नुम:।
  • D. एतेन शब्दानां शुद्धवर्तन्या: पाठने सहायता भवति।
Correct Answer: Option C - बालान् नवीनशब्दान् पाठयितुं शिक्षिका प्रकृतवस्तूनाम् उपयोगं करोति यत:- ‘वस्तुभि: एव वयं नवीनशब्दान् पाठयितुं शक्नुम:’ अर्थात् बालकों को नवीन (नये) शब्दों के द्वारा पढ़ाने के लिए ‘शिक्षिका’ प्राकृतिक वस्तुओं (पेड़, पौधों आदि) का उपयोग करती है जो वस्तुओं के द्वारा हम सब को नवीन शब्दों को पढ़ाने के लिए सक्षम (समर्थ) हैं।
C. बालान् नवीनशब्दान् पाठयितुं शिक्षिका प्रकृतवस्तूनाम् उपयोगं करोति यत:- ‘वस्तुभि: एव वयं नवीनशब्दान् पाठयितुं शक्नुम:’ अर्थात् बालकों को नवीन (नये) शब्दों के द्वारा पढ़ाने के लिए ‘शिक्षिका’ प्राकृतिक वस्तुओं (पेड़, पौधों आदि) का उपयोग करती है जो वस्तुओं के द्वारा हम सब को नवीन शब्दों को पढ़ाने के लिए सक्षम (समर्थ) हैं।

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बालान् नवीनशब्दान् पाठयितुं शिक्षिका प्रकृतवस्तूनाम् उपयोगं करोति यत:- ‘वस्तुभि: एव वयं नवीनशब्दान् पाठयितुं शक्नुम:’ अर्थात् बालकों को नवीन (नये) शब्दों के द्वारा पढ़ाने के लिए ‘शिक्षिका’ प्राकृतिक वस्तुओं (पेड़, पौधों आदि) का उपयोग करती है जो वस्तुओं के द्वारा हम सब को नवीन शब्दों को पढ़ाने के लिए सक्षम (समर्थ) हैं।