Correct Answer:
Option D - उत्तर प्रदेश राज्य के दक्षिण के पहाड़ी क्षेत्र की मृदा को बुन्देलखण्डीय मृदा के नाम से जाना जाता है। इस क्षेत्र में प्री कैम्ब्रियन युग की चट्टानों का बाहुल्य है। यह मृदा ललितपुर, झाँसी, जालौन, हमीरपुर, महोबा, बांदा, चित्रकूट, दक्षिणी प्रयागराज और सोनभद्र के कुछ क्षेत्रों में मिलती है। इस मृदा के अन्य नामों में लाल मृदा, परवा (पड़वा), मार (माड़), रॉकर (राकड़) एवं भोण्टा आदि नामों से जाना जाता है।
D. उत्तर प्रदेश राज्य के दक्षिण के पहाड़ी क्षेत्र की मृदा को बुन्देलखण्डीय मृदा के नाम से जाना जाता है। इस क्षेत्र में प्री कैम्ब्रियन युग की चट्टानों का बाहुल्य है। यह मृदा ललितपुर, झाँसी, जालौन, हमीरपुर, महोबा, बांदा, चित्रकूट, दक्षिणी प्रयागराज और सोनभद्र के कुछ क्षेत्रों में मिलती है। इस मृदा के अन्य नामों में लाल मृदा, परवा (पड़वा), मार (माड़), रॉकर (राकड़) एवं भोण्टा आदि नामों से जाना जाता है।