Correct Answer:
Option D - व्याख्या- ‘चन्द्रालोक’ के रचनाकार जयदेव हैं। यह अलंकार संबंधित ग्रंथ हैं। इनके द्वारा रचित अन्य ग्रंथ गीतिगोविन्दानंद तथा प्रसन्न राघव है। जबकि विश्वनाथ ने साहित्य दर्पण, राजशेखर ने काव्य मीमांसा तथा दण्डी ने ‘काव्यालंकार’ नाम ग्रंथ की रचना की है।
D. व्याख्या- ‘चन्द्रालोक’ के रचनाकार जयदेव हैं। यह अलंकार संबंधित ग्रंथ हैं। इनके द्वारा रचित अन्य ग्रंथ गीतिगोविन्दानंद तथा प्रसन्न राघव है। जबकि विश्वनाथ ने साहित्य दर्पण, राजशेखर ने काव्य मीमांसा तथा दण्डी ने ‘काव्यालंकार’ नाम ग्रंथ की रचना की है।