Explanations:
जहाँ किसी शब्द के एक बार प्रयुक्त होने पर उसके एक से अधिक अर्थ होते हैं तो वहाँ श्लेष अलंकार होता है। उपर्युक्त पांqक्त में `वृषभानुजा' श्लिष्ट पद है। इस पद का संधि विच्छेद करने पर दो अर्थ प्राप्त होते है, प्रथम-वृषभानु + जा अर्थात् वृषभानु की पुत्री `राधा', दूसरा वृषभ + अनुजा अर्थात् बैल की बहन ‘गाय’। अत: उपर्युक्त पंक्ति में ‘श्लेष अलंकार’ है।