Correct Answer:
Option D - गुप्त काल को भारत का स्वर्णिम युग कहा जाता है, गुप्त काल के प्रमुख ऐतिहासिक स्रोत निम्न है–
• इलाहाबाद स्तंभ शिलालेख समुद्र गुप्त के बारे में जानकारी देता है यह शिलालेख हरिषेण ने लिखा था।
• मुद्राराक्षस विशाखदत्त द्वारा रचित एक प्रसिद्ध संस्कृत नाटक है। यह नाटक मुख्यत: चन्द्रगुप्त मौर्य और चाणक्य के बीच राजनीतिक चातुर्य और शक्ति संघर्ष को दर्शाता है। हालांकि यह नाटक सीधे गुप्त काल से संबंधित नहीं है फिर भी इसमें कुछ ऐसे अंश है, जो गुप्त काल के बारे में बताते है।
• गुप्त काल में कालिदास संस्कृत भाषा के एक महान कवि और नाटककार थे, इनकी सबसे प्रसिद्ध रचना अभिज्ञानशाकुन्तलम् को माना जाता है।
• राजशेखर की काव्य मीमांसा में गुप्तकाल के काव्य व साहित्य के विषय में जानकारी मिलती है। यह गुर्जर-प्रतिहार शासक महेन्द्रपाल के दरबारी थे।
D. गुप्त काल को भारत का स्वर्णिम युग कहा जाता है, गुप्त काल के प्रमुख ऐतिहासिक स्रोत निम्न है–
• इलाहाबाद स्तंभ शिलालेख समुद्र गुप्त के बारे में जानकारी देता है यह शिलालेख हरिषेण ने लिखा था।
• मुद्राराक्षस विशाखदत्त द्वारा रचित एक प्रसिद्ध संस्कृत नाटक है। यह नाटक मुख्यत: चन्द्रगुप्त मौर्य और चाणक्य के बीच राजनीतिक चातुर्य और शक्ति संघर्ष को दर्शाता है। हालांकि यह नाटक सीधे गुप्त काल से संबंधित नहीं है फिर भी इसमें कुछ ऐसे अंश है, जो गुप्त काल के बारे में बताते है।
• गुप्त काल में कालिदास संस्कृत भाषा के एक महान कवि और नाटककार थे, इनकी सबसे प्रसिद्ध रचना अभिज्ञानशाकुन्तलम् को माना जाता है।
• राजशेखर की काव्य मीमांसा में गुप्तकाल के काव्य व साहित्य के विषय में जानकारी मिलती है। यह गुर्जर-प्रतिहार शासक महेन्द्रपाल के दरबारी थे।