Correct Answer:
Option D - नागालैण्ड, असम, मणिपुर, आन्ध्र प्रदेश, सिक्किम, मिजोरम, अरुणाचल प्रदेश तथा गोवा की प्रादेशिक मांगों को देखते हुए भारत के संविधान में अनुच्छेद 371A से लेकर 137J अन्तर्विष्ट किए गये। अनुच्छेद 371A में नागालैण्ड राज्य के संबंध में विशेष उपबंध है। अनुच्छेद 371-B में असम राज्य के संबंध में विशेष उपबंध है। अनुच्छेद 371-C में मणिपुर राज्य के सम्बन्ध में विशेष उपबंध है। अनुच्छेद 371-D में आन्ध्र प्रदेश या तेलंगाना राज्य के सम्बन्ध में विशेष उपबंध है। अनुच्छेद 371-E में आन्ध्र प्रदेश में केन्द्रीय विश्वविद्यालय की स्थापना की गई है। अनुच्छेद 371-F में सिक्किम राज्य के सम्बन्ध में विशेष उपबंध है। अनुच्छेद 371-G में मिजोरम राज्य के सम्बन्ध में विशेष उपबंध है। अनुच्छेद 371-H में अरुणाचल प्रदेश राज्य के संबंध में विशेष उपबंध है। अनुच्छेद 371-I में गोवा राज्य के संबंध में विशेष उपबंध है। अनुच्छेद 371 J में कर्नाटक राज्य से संबन्धित प्रावधान है। भारत और यू.एस.ए. में गणतंत्र की स्थापना की गई है, किन्तु भारत में इकहरी नागरिकता है, जबकि यू.एस.ए. में दोहरी नागरिकता है। कोई व्यक्ति भारत सरकार को देशीयकरण के लिए आवेदन करके भारतीय नागरिकता अर्जित कर सकता है, किन्तु उसे विधि द्वारा समर्थित कारणों के आधार पर नागरिकता से वंचित भी किया जा सकता है।
D. नागालैण्ड, असम, मणिपुर, आन्ध्र प्रदेश, सिक्किम, मिजोरम, अरुणाचल प्रदेश तथा गोवा की प्रादेशिक मांगों को देखते हुए भारत के संविधान में अनुच्छेद 371A से लेकर 137J अन्तर्विष्ट किए गये। अनुच्छेद 371A में नागालैण्ड राज्य के संबंध में विशेष उपबंध है। अनुच्छेद 371-B में असम राज्य के संबंध में विशेष उपबंध है। अनुच्छेद 371-C में मणिपुर राज्य के सम्बन्ध में विशेष उपबंध है। अनुच्छेद 371-D में आन्ध्र प्रदेश या तेलंगाना राज्य के सम्बन्ध में विशेष उपबंध है। अनुच्छेद 371-E में आन्ध्र प्रदेश में केन्द्रीय विश्वविद्यालय की स्थापना की गई है। अनुच्छेद 371-F में सिक्किम राज्य के सम्बन्ध में विशेष उपबंध है। अनुच्छेद 371-G में मिजोरम राज्य के सम्बन्ध में विशेष उपबंध है। अनुच्छेद 371-H में अरुणाचल प्रदेश राज्य के संबंध में विशेष उपबंध है। अनुच्छेद 371-I में गोवा राज्य के संबंध में विशेष उपबंध है। अनुच्छेद 371 J में कर्नाटक राज्य से संबन्धित प्रावधान है। भारत और यू.एस.ए. में गणतंत्र की स्थापना की गई है, किन्तु भारत में इकहरी नागरिकता है, जबकि यू.एस.ए. में दोहरी नागरिकता है। कोई व्यक्ति भारत सरकार को देशीयकरण के लिए आवेदन करके भारतीय नागरिकता अर्जित कर सकता है, किन्तु उसे विधि द्वारा समर्थित कारणों के आधार पर नागरिकता से वंचित भी किया जा सकता है।