Explanations:
मानक माप पुस्तिका (Standard measurement book-S.M.B.)– पक्के भवनों तथा अन्य विभागीय संरचनाओं के वार्षिक अथवा नियत समय किये जाने वाले मरम्मती कार्यों को बार-बार मापने में समय लगता है तथा परेशानी होती है जबकि कार्य की मदें व परिमाण समान रहते हैं। ■ प्रत्येक बार पैमाइश लेने की परेशानी से बचने के लिए अलग से एक माप-पुस्तिका बनाई जाती है, जिसमें कार्य के सभी माप पूरी शुद्धता से दर्ज किए जाते हैं। ऐसी माप पुस्तिका को मानक माप पुस्तिका कहते हैं। ■ मानक माप पुस्तिका में दर्ज मापों के आधार पर मरम्मती कार्यों के प्राक्कलन तैयार किए जाते हैं। ■ मानक माप-पुस्तिका की पहचान के लिए इसे वर्णमाला के अक्षरों में गिना जाता है। सामान्य माप पुस्तिका (Ordinary Measurement Book)- निर्माण कार्यों एवं सप्लाई का माप-तौल, पैमाइश दर्ज करने तथा ठेकेदारों व सप्लायरों को सभी भुगतान करने एवं बिलों की जाँच के उद्देश्य के लिए सामान्य माप-पुस्तिका प्रयोग की जाती है। ■ सामान्य माप-पुस्तिका की पहचान के लिए इसे संख्यात्मक रूप से गिना जाता है। Note- अत: उपरोक्त से स्पष्ट है कि कथन (i) तथा (ii) दोनों सत्य हैं।