Correct Answer:
Option D - धातु को पीटकर सीट के रूप में बदलने को आघातवर्ध्यनीयता कहलाता है।
प्लास्टिसिटी– इस गुण के कारण पदार्थ में स्थायी विरूपण होता है।
इलास्टिसिटी– इस गुण के कारण पदार्थ में अस्थायी विरूपण होता है। अर्थात् बल हटाने पर वह अपनी पुर्नवस्था में आ जाती है।
D. धातु को पीटकर सीट के रूप में बदलने को आघातवर्ध्यनीयता कहलाता है।
प्लास्टिसिटी– इस गुण के कारण पदार्थ में स्थायी विरूपण होता है।
इलास्टिसिटी– इस गुण के कारण पदार्थ में अस्थायी विरूपण होता है। अर्थात् बल हटाने पर वह अपनी पुर्नवस्था में आ जाती है।