Correct Answer:
Option C - ‘‘क्रायोस्कोपिक विधि’’ का उपयोग आइसोटोनीसिटी को समायोजित करने के लिए किया जाता है। शुद्ध विलायक के हिमांक और ज्ञात सान्द्रता के विलन का निर्धारण करके गैर वाष्पशीय विलेय के आँणविक द्रव्यमान को निर्धारित करने की प्रायोगिक क्रायोस्कोपिक विधि कहलाती है।
C. ‘‘क्रायोस्कोपिक विधि’’ का उपयोग आइसोटोनीसिटी को समायोजित करने के लिए किया जाता है। शुद्ध विलायक के हिमांक और ज्ञात सान्द्रता के विलन का निर्धारण करके गैर वाष्पशीय विलेय के आँणविक द्रव्यमान को निर्धारित करने की प्रायोगिक क्रायोस्कोपिक विधि कहलाती है।